मछलियों से होगा नए वर्ष का स्वागत।
गोरखपुर। नव वर्ष की पूर्व संध्या पर बुधवार के शाम व रात्रि में महानगर के चर्चों में परहित निवेदन के साथ विशेष प्रार्थनाऐ होंगी आयोजन को लेकर चर्चों को रंग बिरंगी लाइटों व लाइव फुल से सजाया जा रहा है “नए वर्ष मानने के पीछे मसीहियों का एक उद्देश्य है। प्रभु यीशु मसीह के द्वितीय आगमन में एक वर्ष कम हो गया नए वर्ष आने से, इसलिए मसीहियों में उत्साह होता है खुशी होता है कि हम प्रभु यीशु मसीह के द्वितीय आगमन के एक साल और करीब आ गए”।प्रार्थना से होगा नए वर्ष का स्वागत।
सिविल लाइन स्थित सेंट जोसेफ महा गिरजाघर में पल्ली पुरोहित फादर जीजो एंथोनी के अगुवाई में प्रार्थनाएं व पवित्र मिस्सा शाम 5 बजे से होगी ,
सेंट एंथोनी चर्च धरमपुर के पल्ली पुरोहित फादर साबू द्वारा रात्रि 10:00 बजे से नव वर्ष का रात्रि जागरण पवित्र मिस्सा का आयोजन किया जाएगा।
मसीही कलीसिया चर्च खरैया पोखरा में प्रार्थनाएं रात्रि 9बजे से 10 बजे से राकेश जॉन की अगुवाई में होगा। सेंट जॉन चर्च बशरतपुर में मिडनाइट सर्विस रात्रि 10:00 बजे से शुरू होगा ।
शास्त्री चौक स्थित क्राइस्ट चर्च में रात्रि 11:00 बजे से प्रभु भोज के साथ प्रार्थना होगा सेंट थॉमस चर्च धर्मपुर में साम 5:00 बजे से व सेंट मार्क चर्च स्टैंडपुर पादरी बाजार में 10:30 रेव्ह संजय विंसेंट प्रभु भोज के साथ प्रार्थना करेंगे। सभी आशीषो के लिए परमेश्वर को धन्यवाद देंगे।
फुल गास्पल चर्च मोती पोखरा में पादरी ए बी लाल द्वारा रात्रि 11 बजे विश्व मंगल के लिए प्रार्थना की जाएगी
सेंट ल्यूक चर्च राप्ती नगर में शाम 5:00 बजे प्रार्थना
असेंबली ऑफ बिलीवर चर्च राप्ती नगर में रात्रि 11:00 से। आदि चर्चों में नए वर्ष के पूर्व संध्या पर प्रार्थनाएं होगी।
मछली से होगा नए वर्ष का स्वागत।
मसीही सेवक बी पी अलेक्जेंडर ने बताया कि मसीही समाज में नववर्ष मनाने की परंपरा प्राचीन है हर मसीही अपने-अपने घरों में मछली बनाकर नए वर्ष का स्वागत करता है।
नया साल क्यों मनाया जाता है ।
1 जनवरी को नया साल मनाने का चलन रोम के शासक जूलियस सीजर ने ईसा पूर्व जूलियस कैलेंडर की स्थापना की उस समय विश्व में पहली बार नव वर्ष का उत्सव मनाया गया था तब से लेकर आज तक यह परंपरा बरकरार है।

